Interest rates on Public Provident Fund to increase from October

पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड पर अक्टूबर से बढ़ने वाली हैं ब्‍याज दरें

पीपीएफ निवेशकों के साथ साझा करने के लिए सरकार के पास आपके लिए जल्द ही अच्छी खबर हो सकती है. साथ ही सरकार लंबी अवधि की बचत योजनाओं जैसे पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य पर ब्याज बढ़ाने की तैयारी कर रही है

असल में पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड अथवा लोक भविष्य निधि भारत में एक ऐसी योजना है जिसमें बचत एवं कर-बचत करने के लिये उपयोग होता है साथ ही यह सेवानिवृति के समय धन प्राप्ति का साधन भी है. पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड का खाता किसी किसी भी जगह खोला जा सकता है जैसे कि डाकघर में, भारतीय स्टेट बैंक की किसी शाखा में या अन्य राष्ट्रीकृत बैंकों में.

Interest rates on Public Provident Fund to increase from October

प्रशासन इस माह के अंत में होने वाली बैठक में अधिक रुचि पैदा करने के लिए कार्रवाई करने का निर्णय ले सकता है और पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड के अलावा अन्य सभी मामूली बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि से निवेशक लाभ उठा सकते हैं

7 प्रतिशत से ज्यादा मिलता है ब्याज : पिछली नौ तिमाहियों में सरकार द्वारा पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. साथ ही मौजूदा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार जल्द ही पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड की ब्याज दर बढ़ा सकती है. इसके अलावा निवेशकों को वर्तमान समय में पीपीएफ निवेश पर सालाना लगभग 7 प्रतिशत से ज्यादा की ब्याज दर मिलती है. चूंकि सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर लगातार बढ़ रही है, इसलिए संभव है कि सरकार इसी तरह पीपीएफ पर ब्याज दर बढ़ा सकती है.

जल्द हो सकता है फैसला : वर्तमान में, सरकारी बॉन्ड निवेशकों को लगभग 7.3% ब्याज दर प्रदान करते हैं जो कि पीपीएफ की ब्याज दर से ज्यादा है. साथ ही इस साल बांड पर अर्जित ब्याज अस्थिर रहा है और बॉन्ड का रिटर्न साल की शुरुआत में 6.4 फीसदी से बढ़कर जून में 7.6 फीसदी हो गया. पिछली नौ तिमाहियों की बात करें तो सरकार ने मामूली बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और ऐसी अफवाहें हैं कि इस महीने के अंत में होने वाली बैठक में ब्याज बढ़ाने के बारे में फैसला किया जा सकता है.

अन्य बचत योजनाओं पर ब्याज : संभावना यह भी है कि सरकार पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड के साथ-साथ अन्य मामूली बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है. वहीं विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और सावधि जमा सहित अन्य बचत योजनाओं पर ब्याज दर भी बढ़ सकती है.

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Disclaimer: इस आर्टिकल को कुछ अनुमानों और जानकारी के आधार पर बनाया है हम फाइनेंसियल एडवाइजर नही है आप इस आर्टिकल को पढ़कर शेयर बाज़ार (Stock Market), म्यूच्यूअल फण्ड (Mutual Fund), क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) निवेश करते है तो आपके प्रॉफिट और लोस के हम जिम्मेदार नही है इसलिए अपनी समझ से निवेश करे और निवेश करने से पहले फाइनेंसियल एडवाइजर की सलाह जरुर ले

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