Ruchi Soya FPO

बाबा राम देव के साथ बने पार्टनर सिर्फ ₹13,650 मे बाबा ने कहा अगले महीने कंपनी हो जाएगी कर्जमुक्त ! कमाई का तगड़ा मौका !

रुचि सोया क्यो ला रहा है FPO आइए जानते हैं पूरी सचाई

रामदेव ने बताया कि रुचि सोया शेयर बाजार में जारी उठापटक के बीच यह एफपीओ लेकर आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रुचि सोया के उत्पादों एवं इस ब्रांड के प्रति लोगों के भरोसे को देखते हुए एफपीओ को बड़ी सफलता मिलेगी

पतंजलि आयुर्वेद के नियंत्रण वाली कंपनी रुचि सोया का अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) गुरुवार को खुला। कंपनी का इरादा एफपीओ के जरिये 4,300 करोड़ रुपये जुटाने का है। वह इस राशि का इस्तेमाल खुद को कर्ज-मुक्त करने के लिए करेगी। बाबा रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद की इकाई रुचि सोया का यह निर्गम 28 मार्च को बंद होगा। इसके लिए मूल्य दायरा 615-650 रुपये प्रति शेयर तक रखा गया है

एफपीओ को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद

रामदेव ने कहा कि रुचि सोया शेयर बाजार में जारी उठापटक के बीच यह एफपीओ लेकर आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रुचि सोया के उत्पादों एवं इस ब्रांड के प्रति लोगों के भरोसे को देखते हुए एफपीओ को बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने एंकर निवेशकों से बुधवार को 1,290 करोड़ रुपये जुटाए हैं

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उन्होंने कहा कि एफपीओ से जुटने वाली राशि का इस्तेमाल रुचि सोया के 3,300 करोड़ रुपये के सावधि ऋण को उतारने के लिए किया जाएगा। इसके बाद कंपनी कर्ज-मुक्त हो जाएगी। एफपीओ के लिए निर्गम का मूल्य दायरा बाजार की उम्मीदों से कम रखे जाने के बारे में पूछे जाने पर रामदेव ने कहा कि निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने के इरादे से ऐसा किया गया है

पतंजलि के पास 98.9 फीसदी शेयर

दिवालिया प्रक्रिया के तहत रुचि सोया का अधिग्रहण करने वाली पतंजलि आयुर्वेद के पास इस कंपनी के 98.9 फीसदी शेयर हैं। एफपीओ के बाद उसकी हिस्सेदारी घटकर करीब 81 प्रतिशत रह जाएगी। वहीं सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर करीब 19 फीसदी हो जाएगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रुचि सोया के एफपीओ को अगस्त, 2021 में मंजूरी दी थी

किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में न्यूनतम 25 फीसदी सार्वजनिक हिस्सेदारी की नियामकीय शर्त को पूरा करने के लिए यह निर्गम लाया गया है। कंपनी के पास प्रवर्तक हिस्सेदारी को घटाकर 75 प्रतिशत पर लाने के लिए करीब तीन साल का वक्त है

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पतंजलि आयुर्वेद ने वर्ष 2019 में रुचि सोया का अधिग्रहण दिवालिया प्रक्रिया के तहत किया था। उसपर 4,350 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था। इसके प्रमुख ब्रांड में महाकोष, सनरिच, रुचि गोल्ड और न्यूट्रेला शामिल हैं

रुचि सोया ने कहा कि व्यापर हस्तांतरण समझौते के तहत अधिग्रहण की रकम 60.02 करोड़ रुपये तय की गई है। अधिग्रहण की यह रकम घटती बिक्री के आधार पर की गई है। उसने कहा कि अधिग्रहण की रकम दो किश्तों में दी जाएगी। जिसमे 15 करोड़ रुपये समझौता होने की तिथि या उससे पहले दिए जाएंगे, जबकि शेष 45.01 करोड़ रुपये का भुगतान समझौता होने के 90 दिनों में होगा

इस सौदे में कुछ कॉन्‍ट्रैक्‍ट मैन्‍युफैक्‍चरिंग एग्रीमेंट्स के साथ कर्मचारियों, संपत्ति (चल व अचल), मौजूदा संपत्ति और मौजूदा देनदारियों, लाइसेंस व परमिट का ट्रांसफर शामिल है। बयान में कहा गया है कि इस अधिग्रहण का उद्देश्‍य कंपनी के मौजूदा व्‍यवसाय के प्रोडक्‍ट पोर्टफोलिया का विस्‍तार करना है

रुचि सोया के एफपीओ का प्राइस बैंड

रुचि सोया इंडस्ट्रीज (Ruchi Soya Industries) ने FPO के लिए 615-650 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. कंपनी ने स्टॉक फाइलिंग में बताया है कि कपंनी की इश्यू कमिटी ने एफपीओ के लिए 615 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस और 650 रुपये प्रति शेयर के कैप प्राइस को अपनी मंजूरी दे दी.

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कंपनी का कर्ज-मुक्त होने का प्लान

रुचि सोया इंडस्‍ट्रीज ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी को एक अग्रणी एफएमसीजी खिलाड़ी बनने की रणनीति में मदद करेगा। कंपनी ने कहा कि वह और पतंजलि बिस्कुट एक गैर-प्रतिस्पर्धी समझौते पर भी सहमत हुए हैं, जिसके तहत पीएनबीपीएल और उसके संबंधित सहयोगी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत में बिस्कुट के किसी भी प्रतिस्पर्धी व्यवसाय में प्रवेश नहीं कर सकते हैं

गौरतलब है कि रुचि सोया कर्ज के बोझ तले दबी कंपनी थी जिसे 2019 में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने खरीद लिया था। पीनीबीएल ने वित्त वर्ष 2019-20 में 448 करोड़ रुपये का कारोबार किया था

बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद के स्वामित्व वाली खाद्य तेल कंपनी रुचि सोया ने 4,300 करोड़ रुपए जुटाने के लिए अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) लाने के प्रस्ताव सेबी की मंजूरी के लिए पेश किए है। यह एफपीओ भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के शेयर-सूचीबद्धता के न्यूनतम सार्वजनिक शेयर के नियम को पूरा करने के लिए लाया जा रहा है

इसके तहत सूचीबद्ध कंपनी में पब्लिक शेयर होल्डिंग कम से कम 25 प्रतिशत होनी चाहिए। सूत्रों ने कहा कि रुचि सोया ने शनिवार को सेबी के पास एफपीओ के प्रस्ताव का मसौदा जमा कराया। कंपनी ने शेयरों की बिक्री के जरिए 4,300 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनायी है। उन्होंने कहा कि प्रमोटर्स को एफपीओ के जरिये न्यूनतम नौ प्रतिशत हिस्सेदारी कम करनी होगी । सेबी की मंजूरी के बाद एफपीओ अगले महीने आ सकता है

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